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A Short Essay On Corruption In Hindi

भ्रष्टाचार क्या है ?  यह बहुत ही सामान्य और रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग होने वाला प्रचलित शब्द है| भ्रष्टाचार, शब्द से ही समझ आता बुरा आचार या व्यवहार| ऐसा व्यवहार जो सिर्फ अपने मतलब के लिये, अनेतिक और गलत तरीके से किया गया हो|

भ्रष्टाचार एक समस्या  की  परिभाषा निबंध एवम कविता शायरी

Bhrashtachar Corruption ek samasya meaning essay nibandh kavita in hindi

भ्रष्टाचार (Corruption) , आज से नही चला आ रहा है| इसका इतिहास बहुत ही पुराना है| परन्तु बदलते समय के साथ भ्रष्टाचार शब्द ने इतना विक्राल रूप ले लिया है कि, यदि आज इसे रोका नही गया तो, यह एक लाइलाज बीमारी की तरह हो जायेगा|

भ्रष्टाचार को जानने के लिए उसके महत्वपूर्ण बिन्दु

  • इतिहास
  • वर्तमान में भ्रष्टाचार के प्रकार
  • भ्रष्टाचार से संबंधित मुख्य घोटाले
  • भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में कानून

इतिहास

भ्रष्टाचार कब से शुरू हुआ ?

पुराने समय में, जब भारत अंग्रेजो का गुलाम हुआ करता था उस समय ही “फूट डालो और शासन करो” की नीति के साथ, भ्रष्टाचार ने भारत में जन्म ले लिया था| बड़े बड़े राजा-महाराजा ने भी अंग्रेजो के साथ मिल कर, सत्ता और पूंजी के लालच में लिप्त होकर, भ्रष्टाचार बढ़ा दिया| तब से लेकर आज तक भ्रष्टाचार बहुत तीव्रता से बढ़ रहा है|

वर्तमान में भ्रष्टाचार के प्रकार

भ्रष्टाचार तो विरासत में मिली ऐसी संपत्ति है, जिसे लोग दिन प्रतिदिन बढ़ावा देकर, देश को खोखला कर रहे है|

“विश्व में ,भ्रष्टाचार के मामले में भारत का 94वा स्थान है|”

2005 के एक सर्वे के अनुसार, 62% से अधिक भारतीय अपने काम को शीघ्रता से कराने के लिए, छोटे से सरकारी दफ्तरों से लेकर सरकार तक को रिश्वत देकर, एक धनी या संपन्न व्यक्ति अपने काम आसानी से करा लेता है| हर दिन अख़बार में एक नया भ्रष्टाचार सामने आता है | पहले एक-एक रुपये की कद्र हुआ करती थी, आज करोड़ों में तो, भ्रष्टाचार या घोटाला होने लगा है| यह कई प्रकार से होने लगा है | जैसे-

  1. निजी दफ्तरों से सरकारी दफ्तरों तक भ्रष्टाचार – भ्रष्टाचार बुराई का वह रूप है जिसे, कई बार जनता ने काम शीघ्र कराने के लिए आसानी से अपनाया, तो कई बार मज़बूरी में| उस व्यक्ति ने पैसा खिला कर, अपना तो काम बना लिया| तथा कुर्सी पर बैठे उस अधिकारी ने भी रुपयों के लालच में भ्रष्टाचार को अपना लिया| यह भ्रष्टाचार (Corruption) एक छोटे से निजी दफ्तर से लेकर , बड़े से बड़े सरकारी विभाग चाहे, फिर वह पुलिस तंत्र, न्यायालय या स्वयं सरकार ही क्यों न हो भ्रष्टाचार में लिप्त है|
  1. मिडिया में भ्रष्टाचार – वर्तमान में संचार के साधनों का विकास व उपयोग बहुत तीव्रता से हो रहा है| हर व्यक्ति के पास सोशल नेटवर्किंग के साधन- टी.वी, लेपटॉप, मोबाइल, रेडियो, न्यूज़-पेपर सभी उपलब्ध है| हर एक अच्छी व बुरी सूचना का माध्यम मिडिया बन गया है| इसी माध्यम को लोगो ने खरीद कर अपने अनुसार संचालित कर लिया है | जिससे भ्रष्टाचार को और बढावा मिल गया है|
  1. सरकार बनाने में भ्रष्टाचार – जो सरकार देश को संचालित करती है| उसे बनाने के लिए भी भ्रष्टाचार होने लगा | चुनावों वोट से लेकर ,संसद की सीट तक सब बिकाऊ है| मिडिया के माध्यम से झूठे व कभी न पुरे होने वाले वादे जो नेता करते है| उसी विश्वास के आधार पर जनता ने पुरे भरोसे से जिस नेता को चुना है वो तो खुद भ्रष्टाचार में लिप्त है|
  1. व्यापार में भ्रष्टाचार – ऐसा कोई क्षेत्र नही बचा जहा भ्रष्टाचार न हो| तो व्यापार कैसे अछूता रह सकता है| छोटे से छोटे व्यापार के साथ बड़े से बड़े उद्योग में मिलावट की खबरे हर दिन सुनी जाती है | इन सब से बचने के लिए एक व्यापारी से तो बड़े उद्योगपति हर एक विभाग को पैसा खिला कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है|
  1. विविध रूप में भ्रष्टाचार – यह जरुरी नही कि किसी को पैसे देकर ही भ्रष्टाचार हो| भ्रष्टाचार के कई रूप और भी है, जैसे
  • किसी चीज़ की गलत जानकारी देना,
  • टैक्स की चोरी करके,
  • चीजों में मिलावट करना,
  • कालाबाजारी
  • रिश्वतखोरी/घूसखोरी

इसके अलावा भी वह सभी बाते जिनका उद्देश्य ही गलत हो, और बुराई को बढावा देते हो, भ्रष्टाचार के अंतर्गत आते है|

भ्रष्टाचार से संबंधित मुख्य घोटाले

नंबरघोटाले का नामघोटाले की राशिविवरण
1कोयला खदान आवंटन घोटाला192 लाख करोड़ रुपये लगभग2004 में सरकार पर लगाया आरोप है जिसमे कोयले की खदानों को सरकारी व निजी ढंग से आवंटित किया |
2कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला70 हजार करोड़ रूपये लगभग2011 में यह प्रकरण सामने आया जिसमें कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के दोरान पैसे की हेराफेरी कि गई है|
3चारा घोटाला

 

 

950 करोड़ रूपये लगभगबिहार का सबसे प्रसिद्ध और सबसे बड़ा घोटाला जिसमे पशुओं को खिलाये जाने वाले चारे के नाम पर सरकारी खजाने से करोड़ों का घोटाला हुआ|
42जी स्पेक्ट्रम घोटाला1लाख 67 हजार करोड़ रूपये लगभग2011 में यह प्रकरण सामने आया| जिसमे टेलिकॉम कंपनी ने 2जी मोबाइल सेवाओ के सस्ते एयरवेज और लाइसेंस जारी किये जिसकी करोडो रुपयों की हानि देश को उठानी पड़ी|
5बोफोर्स घोटाला64 करोड़ रूपये लगभगस्वीडन की बोफोर्स नाम की हथियार बनाने की एक कम्पनी जिससे भारत ने तोप और हथियार लेने का सौदा किया था| जिसके लिए लाखों की हेराफेरी कि गई|

इन सबके अलावा हाल ही में न्यूज़ पेपर में 500 करोड़ का सब्सिडी घोटाला आया है| और भी अनगिनत घोटाले जो कि, भारत देश में हुए है|जिनमे से कुछ की सुनवाई हुई है तो ,कुछ आज भी न्यायालय में पेंडिंग पड़े है| कुछ के आरोपी आज भी खुले और बिना किसी डर के घूम रहे है|

भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में कानून

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम(Prevention of Corruption Act),1988

सूचना का अधिकार अधिनियम (Right to Information Act),2005

बढ़ते हुए भ्रष्टाचार को देख कर उसके सम्बन्ध में, यह मुख्य कानून सरकार ने बनाये है| इसके अलावा और भी कई कानून व सजा के प्रावधान मौजूद है|

Bhrashtachar Par Kavita Shayari

भ्रष्टाचार पर कविता शायरी 

भ्रष्टाचारी युग हैं भैया
किसे समस्या बताओगे
हर कोई टेबल के नीचे
कैसे इसे निपटाओगे

नेता हो या कोई अफसर
हर कोई घूंस का भूखा हैं
सफेद धन काला करके
इन्होने जनता को लुटा हैं

समस्या बड़ी गंभीर हैं
भ्रष्टाचार संगीन हैं
व्यवहार में ही अब लिप्त हैं
भ्रष्टाचार बन गई अब रीत हैं

जागो युवा जागो
अब न सहो अन्याय
देश का धन हैं सबका अधिकार
अब बंद करो भ्रष्टाचार

आप इस बारे मे क्या सोचते है, अपने विचार हमारे साथ जरूर शेयर करें|

Priyanka

प्रियंका दीपावली वेबसाइट की लेखिका है| जिनकी रूचि बैंकिंग व फाइनेंस के विषयों मे विशेष है| यह दीपावली साईट के लिए कई विषयों मे आर्टिकल लिखती है|

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भ्रष्टाचार पर निबंध हिंदी में Essay on stop corruption in Hindi

वर्तमान भारत में आज भ्रष्टाचार हमारे देश भारत में पूरी तरह से फ़ैल चूका है। भारत में आज लगभग सभी प्रकार के आईटी कंपनियां,  बड़े कार्यालय, अच्छी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद भी आज भारत पूरी तरीके से विकसित होने की दौड़ में बहुत पीछे है। इसका सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार ही तो है। चाहे वह समाज का कोई लोग हो, सरकारी कर्मचारी हो या कोई राजनीतिक नेता, का कार्य क्षेत्र हो हर जगह भ्रष्टाचार ने अपना घर बना लिया है। आज भ्रष्टाचार कुछ इस प्रकार से भारत में बढ़ चुका है कि कहीं-कहीं तो भ्रष्टाचार के बिना काम ही नहीं होता है।

भ्रष्टाचार के प्रभाव Effects of corruption in Hindi

भ्रष्टाचार कुछ इस प्रकार से भारत में दीमक की भांति फैल चुका है कि इसके सभी प्रभाव तो बता पाना बड़ा मुश्किल है। भले ही कोई ढ़ोंगी बाबा हो या कोई रोड, ईमारत या पुल बनाने वाले कॉन्ट्रैक्टर का काम हो जगह आपको भ्रष्टाचार दिख ही जाएगा। भारत में कई जगहों पर धर्म, संप्रदाय,आस्था और विश्वास के नाम पर लोगों का शोषण किया जा रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में पैसे या घूस न देने पर काम पूरे नहीं होते हैं।

दुकानों में मिलावट का सामान मिल रहा है और कई कंपनियों का सामान खाने लायक ना होने पर भी भ्रष्टाचार के कारण दुकानों पर मिल रहा है। कुछ चंद पैसों के लिए बड़े-बड़े कर्मचारी और नेता गलत चीजों को पास कर देते हैं जिसका प्रभाव आम आदमी पर पड़ता है। पहले कार्यालय में घूस लेना और भ्रष्टाचार, खासकर दफ्तरों में काम करने वाले लोगों की आय कम और व्यय ज्यादा होने के कारण दिखता था परंतु अब जब सरकार ने कर्मचारियों को अच्छा वेतन देना भी शुरू कर दिया है तब भी भ्रष्टाचार में कमी नहीं दिख रही है।

भ्रष्टाचार में कमी ना दिखने का सबसे बड़ा कारण है कि भ्रष्टाचार अब हर किसी की आदत सा बन चुका है। अब भ्रष्टाचार होने पर भी लोगों को लगता है कि यह हर दिन का काम ही तो है। जब तक हमारा देश भ्रष्टाचार मुक्त नहीं होगा तब तक हम भारत को विकसित देश नहीं बना पाएंगे। आज भ्रष्टाचार के कारण ही कई प्रकार के सरकार द्वारा शुरू किये गए सार्वजनिक कार्य सही से पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं। रोड तो बनते हैं, बड़ी इमारतें बनती पर कुछ ही सालों में ख़राब हो जाते हैं। यह सब भ्रष्टाचार के कारण होता है और ख़ामियाज़ा आम आदमी को भुगतना पड़ता है।

भ्रष्टाचार को रोकने के उपाय How to stop corruption in hindi?

1. सरकारी कर्मचारियों को अच्छा वेतन Proving Good salary for government employee

लगभग सभी केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के रिपोर्ट के अनुसार काफी हद तक अब अच्छा वेतन मिल रहा है। अभी भी राज्य सरकार के कर्मचारियों को सही प्रकार से वेतन नहीं मिल पाया है। परंतु वेतन अच्छा मिलने पर भी भ्रष्टाचार अब दफ्तरों में एक आदत सा बन चुका है जिसके कारण दिनों दिन भ्रष्टाचार बढ़ते चले जा रहा है। इसलिए सोच समझकर और सही समय पर वेतन बढ़ाया जाना चाहिए जिससे कर्मचारी के मन में भ्रष्टाचार की भावना उत्पन्न ना हो सके।

2.  दफ्तरों में लोगों की कमी Lack of workers in offices

कई सारे सरकारी दफ्तरों में जरूरत से बहुत कम कर्मचारी नियुक्त किए जाते हैं जिसके कारण काम करने वाले हैं कर्मचारियों पर भार बढ़ते जाता है। इससे दो प्रकार की असुविधाएं उत्पन्न होती है पहले आम आदमी का काम सही समय पर पूर्ण नहीं हो पाता है और दूसरा काम को जल्दी पूर्ण करने-कराने के लिए लोग भ्रष्टाचार का रास्ता अपनाते हैं। इसमें जो लोग घुस देते हैं उनका काम पहले हो जाता है और जो लोग घुस नहीं देते हैं या तो उनका काम पूर्ण होने में पूरा साल लग जाता है या कभी पूर्ण होता ही नहीं है। भ्रष्टाचार को सरकारी दफ्तरों में पूरी तरीके से बंद करने के लिए हर विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्य करने वाले आयोग बनाने चाहिए जो ऐसे अनैतिक कार्यों पर ध्यान रखें।

3. सभी कार्यालय में कैमरा लगाया जाये CCTV Camera for offices

आज कल लगभग सभी कार्यालयों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जो कार्यालय में निगरानी रखने के लिए लगाए गए हैं। परंतु कुछ ऐसा होना चाहिए जिससे कि यह सीसीटीवी कैमरे अन्य विभाग के द्वारा संभाले जाएं जो ऑफिस में काम करते हुए कर्मचारियों पर निगाह रखे। इससे ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी घुस लेने से डरेंगे और लेने पर पकड़े भी जाएंगे।

4. कड़ी सजा Strict punishment & law for corruption

भ्रष्टाचार को रोकने का सबसे आसान रास्ता है भ्रष्टाचार करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। भ्रष्टाचार भी आतंकवाद और देशद्रोह के समान है और यह एक बहुत ही बड़ा अपराध है जिससे देश की आर्थिक स्तिथि पर बुरा प्रभाव पड़ता है। आप खुद ही सोच कर देखिए एक ऐसा अपराध जिसके कारण देश उन्नति ना कर पा रहा हो क्या उसके लिए मात्र कुछ छोटे-मोटे ही सजा मिलना सही होगा।  भ्रष्टाचार करने वाले को देशद्रोह करने वाले के समान मानना होगा और उनके लिए कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान बनाना पड़ेगा। ऐसा करने से लोग भ्रष्टाचार करने से पहले 10 बार सोचेंगे।

5. भ्रष्टाचार का विरोध करें Always oppose corruption

भ्रष्टाचार बढ़ने का मात्र एक  सबसे बड़ा कारण है और वह है भ्रष्टाचार का साथ देना। भले ही किसी कार्यालय में हमारा कोई कार्य पूर्ण हो या ना हो हमें कदापि भ्रष्टाचार का साथ नहीं देना चाहिए। भ्रष्टाचार इसीलिए होता है क्योंकि हम उसे होने देते हैं। हमें हमेशा भ्रष्टाचार का विरोध करना चाहिए और लोगों को इसके विषय में जागरूकता प्रदान करना चाहिए।

भारत में हुए सबसे बड़े भ्रष्टाचार के घोटाले The Top 10 Corruption Scams in India

  1. भारतीय कोयला आवंटन घोटाला Indian Coal Allocation Scam – 2012 – 1,86,000 Crore
  2. 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला 2G Spectrum Scam – 2008 – 1,76,000 Crore
  3. वक्फ बोर्ड भूमि घोटाला Wakf Board Land Scam – 2012 – 1.50,000 Crore
  4. राष्ट्रमंडल खेलों के घोटाला Commonwealth Games Scam – 2010 – 70,000 Crore
  5. तेलगी घोटाला Telgi Scam – 2002 – 20,000 Crore
  6. सत्यम घोटाला Satyam Scam – 2009 – 14,000 Crore
  7. बोफोर्स घोटाला Bofors Scam – 1980s & 90s – 100 to 200 Crore
  8. चारा घोटाला The Fodder Scam – 1990s – 1,000 Crore
  9. हवाला घोटाला The Hawala Scandal – 1990-91 – 100 Crore
  10. हर्षद मेहता और केतन पारेख आईटी कंपनियां Harshad Mehta & Ketan Parekh Stock Market Scam – 1992 – 5000 Crore Combined